परिवर्तनीय अनुपात का नियम (Law of Variable Proportions) यह बताता है कि जब उत्पादन में एक कारक (जैसे श्रम) की मात्रा को बढ़ाया जाता है, जबकि अन्य कारक (जैसे भूमि या पूंजी) को स्थिर रखा जाता है, तो प्रारंभ में उत्पादन में वृद्धि होती है। लेकिन एक निश्चित बिंदु के बाद, अतिरिक्त इकाइयों की श्रम का योगदान कम होने लगता है, जिसे गिरते हुए प्रतिफल (Diminishing Returns) कहा जाता है। यह नियम बताता है कि संसाधनों का सही संतुलन बनाए रखना आवश्यक है ताकि अधिकतम उत्पादन प्राप्त किया जा सके।
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